बिहार: गर्मी ने रफ्तार भी नहीं पकड़ी और यहां जल संकट गहराया, 25 हजार आबादी पानी को परेशान
गया
बिहार में अभी गर्मी ठीक से शुरू भी नहीं हुई और प्रदेश के गया शहर में अभी से जल संकट गहरा गया है। शहर में जलापूर्ति के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए, लेकिन जल संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गर्मी शुरू होते ही एक बार फिर जिले के वार्ड नंबर 6 के कई मोहल्लों में जल संकट गहरा गया है। वारिसनगर, संजय नगर, वागेश्वरी, बम बाबा मोहल्ले कि करीब 25 हजार से ज्यादा आबादी पानी के लिए परेशान हैं।
10 दिन से बदबूदार पानी
वारिसनगर और पंचायती अखाड़ा जलापूर्ति केंद्र से कई मोहल्लों में पानी सप्लाई होती है। लेकिन पिछले 10 दिनों से दोनों जलापूर्ति केंद्र से बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। वार्ड पार्षद रूपा देवी कहती हैं कि की फल्गु के नजदीक होने के कारण व लेयर में गड़बड़ी होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। करीब 25 हजार लोग प्रभावित हैं। वही मोहल्ले के लोग कहते हैं कि सप्लाई पानी ही एकमात्र सहारा रह गया है और वह पिछले 10 दिनों से बुरी स्थिति में है। लेकिन कोई खोज खबर लेने नहीं आया। वार्ड पार्षद से हम लोग बार-बार शिकायत करते हैं और पार्षद निगम शिकायत करती हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। करीब एक साल पहले ही वारिसनगर में बुडको द्वारा बोरिंग कराया गया था। पंचायती अखाड़ा जलापूर्ति केंद्र में भी हाल ही में काम हुआ है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अपनी बात रखते हुए वार्ड 6 की पार्षद रूपा देवी ने बताया कि संजय नगर, छोटकी नवादा, बागेश्वरी, बम बाबा जैसे मोहल्ले में 10 दिन से गंदा पानी आ रहा है। निगम में हमने शिकायत भी की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं संजय नगर निवासी राज मनिया देवी ने बताया कि हम लोग सप्लाई पर ही निर्भर है और सप्लाई पानी 10 दिन से गंदा आ रहा है। पीने लायक नहीं है। गर्म करके किसी तरह पी रहे हैं। वहीं वागेश्वरी के अभय राय ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि सप्लाई पानी गंदा आ रहा है और कुआं भी सूख हो गया है। हम लोग कैसे पानी पी रहे हैं, यह हम ही लोग जान रहे हैं। बुडको को चिंता ही नहीं है। जल संकट से पीड़ित संजय नगर की बबीता देवी ने कहा कि हमारे मोहल्ले में सब गरीब लोग रहते हैं। हम लोग पानी कहां से लाए। सप्लाई पानी ही सहारा है और वह 10 दिनों से पीला और बदबूदार आ रहा है। कोई सुनने वाला नहीं है।
100 करोड़ से ज्यादा खर्च, फिर भी सप्लाई ठीक नहीं
गया शहर की जलापूर्ति को ठीक करने के लिए नगर निगम ने पिछले 4 साल में करीब 100 करोड रुपए खर्च किए हैं। बावजूद अभी तक शहर में जलापूर्ति की स्थिति ठीक नहीं हो पाई। अब तो बुडको द्वारा जलापूर्ति का कमान संभाल लिया गया है और इसके लिए भी करीब 400 करोड रुपए का बजट रखा गया है, लेकिन शहर में जल संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। समाजसेवी और वार्ड नंबर 22 के पूर्व पार्षद लालजी प्रसाद कहते हैं कि जलापूर्ति मामले में बहुत बड़ा खेल हुआ है। लाखों रुपए के बोरिंग खरीद खरीद कर सड़ने के लिए रख दिए गए। कमीशन खोरी इस हद तक है कि एक ही सप्लाई कंपनी को तरह-तरह के काम लगातार दिए जा रहे हैं।
पानी की किल्लत से तंग आकर लोगों ने किया हो हंगामा
गर्मी का मौसम आते ही गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में पानी की समस्या आनी शुरू हो गई है। गुरुआ प्रखंड के चिलोर पंचायत के फुलसाथर गांव के दर्जनो गरीब परिवार के मुसहर जाति के लोगों ने पानी की किल्लत को लेकर बुधवार को प्रखंड मुख्यालय आकर हो हंगामा किया। पानी की समस्या को दूर करने की मांग को लेकर मुसहर परिवारों में जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश था। लोगों ने बताया कि उन्हें रहने के लिए कॉलोनी मिली है। लेकिन यहां पानी की सुविधा के लिए मात्र एक चापाकल लगाया गया है। जो आये दिन खराब रहता है। पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। नल जल योजना से उन्हें समुचित लाभ नही मिल रहा है। नल जल योजना उनके लिए बेकार हो गई है। पानी एवं आवास की किल्लत से परेशान हो कर मुसहर परिवारो के लोगो ने प्रखंड मुख्यालय में जमकर हंगामा किया। हालांकि प्रखंड मुख्यालय में किसी कारण से बीडीओ को नही रहने से हो हंगामा कर रहे मुसहर लोग बगैर बीडीओ से मिले घर वापस लौट गए।

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